एनएच-30, अमलीडीह रोड, देवपुरी, रायपुर (छ.ग.) ओपीडी: सोम–शनि 10 AM – 6 PM  |  इमरजेंसी 24x7 +91 77778 65621
कॉल
मरीज़ों के केस स्टडी

मरीज़ों के केस स्टडी

दिल की तीन आम समस्याएँ — पहले लक्षण से लेकर घर लौटने तक की पूरी कहानी। मरीज़ों और परिवार के लिए: क्या महसूस हुआ, कौन-सी जाँच हुई, वही इलाज क्यों चुना गया, और रिकवरी असल में कैसी रही।

डॉक्टर से बात करें
3विस्तृत केस
हर कदमजाँच, इलाज, रिकवरी
आसान भाषापरिवार के लिए
हार्ट अटैक

आधी रात सीने में दर्द: इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी

रायपुर के 54 साल के एक व्यक्ति सीने में भारी दर्द के साथ हमारी इमरजेंसी पहुँचे। उसी रात बंद नस स्टेंट से खोली गई। पूरी कहानी — क्या महसूस हुआ, जाँच में क्या मिला, और रिकवरी कैसी रही।

पूरी कहानी पढ़ें
वाल्व की बीमारी

“उम्र ज़्यादा है, ऑपरेशन नहीं हो सकता”: बिना छाती खोले वाल्व बदला गया

दुर्ग की 78 साल की एक महिला थोड़ी दूर चलने पर ही हाँफने लगती थीं। उनका सिकुड़ा हुआ aortic वाल्व कैथेटर से बदला गया — न छाती खोली गई, न हार्ट-लंग मशीन लगी।

पूरी कहानी पढ़ें
धड़कन की गड़बड़ी

तीन महीने से बेहोशी: जो नॉर्मल ECG में पकड़ में नहीं आया

बिलासपुर के 66 साल के एक व्यक्ति बिना किसी चेतावनी के बार-बार बेहोश हो जाते थे। आराम वाला ECG लगभग नॉर्मल था — 24 घंटे की Holter जाँच ने आख़िरकार धीमी धड़कन पकड़ी।

पूरी कहानी पढ़ें
इन केस स्टडी के बारे में: ये प्रतिनिधि (representative) केस हैं, जो प्रथमेश कार्डियक इंस्टिट्यूट में आने वाले आम मरीज़ों के आधार पर लिखे गए हैं। इनका विवरण समझाने के लिए है और ये किसी एक पहचाने जा सकने वाले मरीज़ की कहानी नहीं हैं। इनका मकसद यह समझाना है कि दिल की बीमारी और उसका इलाज असल में होता कैसा है। आपका अपना इलाज डॉक्टर आपको देखने और आपकी रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही तय कर सकते हैं।

कोई लक्षण परेशान कर रहा है?

अगर अभी कुछ हो रहा है तो हमारी 24x7 इमरजेंसी लाइन पर कॉल कीजिए। जाँच या रिपोर्ट पर दूसरी राय के लिए हमारे कार्डियोलॉजिस्ट से समय लीजिए।

+91 77778 65621
कॉल करें